Vo safar

वो मेरे लिये खुशियों का खजाना हो गया,
बिना उसके एक पल भी बिताना हो गया,
हाँ था अनजान मैं उसके लिए वो मेरे लिए
लेकिन लगने लगा उसे जाने एक जमाना हो गया।

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Vo safar

जी हाँ मुझे उनसे बातें करने का इंतजार रहता था,
और ये इंतजार बेख़ुमार रहता था,
झूठ नहीं कहुंगा सच लिख रहा हु
मुझे हर वक्त हर लम्हा उन्ही का नशा सवार रहता था।

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बस उसके जिक्र से आँखो में हल्की सी नमी क्यूँ रहती है,
एक उसके न होने से ये राते मेरी थमी क्यूँ रहती है,
हाँ जानता हूँ मैं कि नहीं है बो मेरी,
लेकिन फिर भी उसके आने की आश क्यूँ रहती है?